Shaily Bhagwat

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कर्म या भाग्य

कहते....
भाग्य का लिखा कोई
मिटा नहीं सकता
और मेहनत से ही
भाग्य निखरता।

भाग्य भरोसे बैठ गये तो
हासिल कुछ ना होगा,
कर्म अगर न करोगे तो
भाग्य कैसे निखरेगा।

भाग्य उसने लिख कर
तिजोरी पर लगा दिया ताला
कर्मों की चाबी से ही अब
खुल पायेगा ये ताला।

निष्क्रिय रहकर कैसे तुम
जग में नाम कमोओगे
सक्रियता धारण कर
विश्व प्रसिद्ध हो जाओगे।

बात एक मन को
फिर भी है खटकती
कभी कभी कड़ी मेहनत
से भी भाग्य द्वार न खुलते
जिन्हें हम कहते भाग्यवान
वो बिन मेहनत के भी सुखों
में ही पलते।


#प्रतियोगिता हेतु 

स्वरचित
शैली भागवत "आस"✍️


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7 Comments

Punam verma

27-Jun-2022 08:19 AM

Very nice

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Abhinav ji

27-Jun-2022 07:37 AM

Very nice👍

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Swati chourasia

27-Jun-2022 06:21 AM

बहुत खूब 👌👌

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